अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित दान चोरी मामले की जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है। इसके अलावा पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान अभी दर्ज नहीं किए गए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में उनसे पूछताछ की संभावना है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में लगभग 140 लोगों से चरणबद्ध तरीके से पूछताछ की जाएगी। इनमें दान की गिनती में शामिल कर्मचारी, नकदी को बैंक तक पहुंचाने वाले लोग, बैंक अधिकारी और सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं। जांच अधिकारी सभी के बयान दर्ज कर सच्चाई की पुष्टि करने और कथित वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह कार्रवाई उस समय और तेज हुई जब अयोध्या पुलिस ने मामले से जुड़े 10 स्थानों पर छापेमारी की। यह तलाशी अभियान लगभग छह से आठ घंटे तक चला। छापों के बाद कई आरोपियों के परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनके रोल की जांच कर रही है और अतिरिक्त सबूत जुटा रही है।
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सूत्रों के अनुसार छापेमारी में नकदी, आभूषण, संपत्ति के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, एग्रीमेंट पेपर, बैंक पासबुक और आभूषण खरीद के बिल बड़ी मात्रा में बरामद हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कई नई संपत्तियां कथित रूप से आरोपियों के परिवारजनों के नाम पर खरीदी गई थीं। पुलिस अब धन के स्रोत और उसके उपयोग की जांच कर रही है।
यह मामला तब सामने आया जब विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में दान प्रबंधन प्रणाली में गंभीर खामियां पाई गईं। रिपोर्ट में बताया गया कि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया, सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया और नकदी गिनती के दौरान कई एसओपी का उल्लंघन हुआ।
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