प्रसिद्ध संगीतकार रमेश विनायकम ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इसे अपने जीवन का एक अनमोल अनुभव बताया। चेन्नई के रहने वाले रमेश विनायकम अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री से मिले, जहां उन्होंने भारतीय संगीत तकनीक को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की।
इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “गमका बॉक्स नोटेशन सिस्टम” नामक एक विशेष तकनीक के बारे में जानकारी ली। यह एक पेटेंटेड नवाचार है, जिसका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत को संरक्षित करना और उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।
रमेश विनायकम ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रही। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने संगीत और तकनीक के इस संगम को काफी सराहा और इसके भविष्य को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।
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“गमका बॉक्स नोटेशन सिस्टम” भारतीय शास्त्रीय संगीत के जटिल सुरों और अलंकारों को सरल तरीके से संरक्षित करने में मदद करता है। इससे आने वाली पीढ़ियों के लिए इस समृद्ध परंपरा को समझना और सीखना आसान हो जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को भारत की सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीकें भारतीय कला और संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिला सकती हैं।
रमेश विनायकम ने यह भी कहा कि इस पहल के माध्यम से भारतीय संगीत को डिजिटल रूप में संरक्षित कर उसे वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और कलाकार मिलकर इस दिशा में और भी कार्य करेंगे।
यह मुलाकात न केवल एक कलाकार के लिए सम्मान की बात है, बल्कि भारतीय संगीत के भविष्य के लिए भी एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
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