केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण विधेयक के लिए समर्थन मांगा है।
रिजिजू ने अपने पत्र में खड़गे के हालिया संवाद का जवाब देते हुए कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लागू करने के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है और इसके लिए सभी दलों का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है और इससे संसद तथा विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार इस विधेयक को लेकर गंभीर है और जल्द ही इसे प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में काम कर रही है।
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वहीं, कांग्रेस की ओर से पहले ही इस विधेयक के क्रियान्वयन को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार को स्पष्ट समयसीमा और प्रक्रिया बतानी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाओं को वास्तविक लाभ मिल सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनना आसान नहीं होगा, लेकिन यह मुद्दा देश की आधी आबादी से जुड़ा होने के कारण सभी दलों के लिए अहम है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस विधेयक पर राजनीतिक सहमति बन पाती है या नहीं।
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