रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने कहा कि वह गैर-अमेरिकी खरीदारों के लिए वेनेजुएला के तेल तक पहुंच को लेकर स्पष्टता का इंतज़ार कर रही है और केवल नियमों के अनुरूप तरीके से ही तेल खरीदने पर विचार करेगी। कंपनी के प्रवक्ता ने शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को यह जानकारी दी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब वेनेजुएला के तेल निर्यात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति तेजी से बदल रही है। 3 जनवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल कारोबार पर अपना नियंत्रण और कड़ा कर दिया है।
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि वॉशिंगटन दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के तेल की बिक्री को “अनिश्चितकाल तक” नियंत्रित करेगा। वेनेजुएला के पास अनुमानित रूप से 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है, जो उसे दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल करता है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों, प्रतिबंधों और अनुपालन आवश्यकताओं का पूरी तरह पालन करती है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि जब तक यह साफ नहीं हो जाता कि गैर-अमेरिकी कंपनियां किन शर्तों पर वेनेजुएला का तेल खरीद सकती है, तब तक कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा। रिलायंस ने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में खरीद होती है तो वह पूरी तरह वैध और स्वीकृत ढांचे के भीतर ही होगी।
भारत अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले वेनेजुएला के कच्चे तेल का एक बड़ा आयातक रहा है, खासकर उन रिफाइनरियों के लिए जो भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने के लिए डिजाइन की गई है। मौजूदा घटनाक्रम से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और भारत सहित कई देशों की नजर अमेरिका की अगली नीति पर टिकी हुई है।
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