राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समय के साथ बदल नहीं रहा है, बल्कि धीरे-धीरे विकसित हो रहा है और स्वयं को नए रूपों में प्रकट कर रहा है। यह बात संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (11 जनवरी, 2026) को कही। वह संघ कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां RSS की 100 वर्षों की यात्रा पर आधारित आगामी फिल्म ‘शतक’ के गीतों का एल्बम लॉन्च किया गया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध गायक सुखविंदर सिंह, फिल्म निर्देशक आशीष मॉल, सह-निर्माता आशीष तिवारी और वरिष्ठ RSS पदाधिकारी भैय्याजी जोशी भी मौजूद थे। अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है, लेकिन जैसे-जैसे संगठन विकसित होता है और नए स्वरूप अपनाता है, लोगों को लगता है कि वह बदल रहा है। वास्तव में, संघ बदल नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे अपने मूल विचारों को विस्तार दे रहा है।
उन्होंने इसे एक बीज और वृक्ष के उदाहरण से समझाया। भागवत ने कहा कि जैसे बीज से अंकुर निकलता है और समय के साथ फल-फूल से लदा पेड़ बनता है, दोनों रूप अलग दिखते हैं, लेकिन मूल रूप से वह वही बीज होता है। उसी तरह RSS के स्वरूप में बदलाव दिख सकता है, पर उसकी आत्मा और विचार वही हैं।
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संघ प्रमुख ने RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को जन्मजात देशभक्त बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने बचपन से ही अपना जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित कर दिया था और संघ तथा डॉक्टर साहब एक-दूसरे के पर्याय हैं।
भागवत ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के व्यक्तित्व में ऐसी मानसिक दृढ़ता थी कि वह बड़े से बड़े आघात को भी सहन कर सकते थे, बिना अपने विश्वास और स्वभाव को डगमगाए। उन्होंने इसे उत्कृष्ट मानसिक स्वास्थ्य और मजबूत मन का उदाहरण बताया और कहा कि डॉक्टर साहब का मनोविज्ञान अध्ययन और शोध का विषय हो सकता है।
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