केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की शिरोमणि अकाली दल की मांग का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष और समान परिसीमन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
रिजिजू ने शनिवार को कहा कि वह शिरोमणि अकाली दल के इस महत्वपूर्ण फैसले का दिल से स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निष्पक्ष परिसीमन के साथ उन्हें बराबर राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में सभी दलों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए।
दरअसल, अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को चंडीगढ़ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं की गरिमा, समानता और अधिकारों को लेकर सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेती है।
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बादल ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अपने सदन में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू कर पहले ही उदाहरण पेश कर चुकी है। उन्होंने केंद्र से देश की महिलाओं को राजनीतिक व्यवस्था में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने वाले प्रावधान को जल्द लागू करने की मांग की।
परिसीमन के मुद्दे पर भी अकाली दल ने स्पष्ट रुख अपनाया। पार्टी ने कहा कि परिसीमन ऐसा होना चाहिए, जिससे किसी भी राज्य के राजनीतिक और प्रतिनिधित्व संबंधी हित प्रभावित न हों। अकाली दल ने सभी राज्यों की सीटों में समान रूप से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिसीमन और संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
अकाली दल के समर्थन से महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। रिजिजू ने भी दोनों विषयों पर व्यापक सहमति बनाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील की है।
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