बिहार में राजनीतिक बदलाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन से राजभवन (लोक भवन) में मुलाकात की और राज्य में नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
सम्राट चौधरी ने राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपते हुए बताया कि उन्हें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायकों का बहुमत समर्थन प्राप्त है। इस मुलाकात के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
इससे पहले भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया था। बैठक में वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए अधिकृत किया।
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राजनीतिक हलकों में यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से सत्ता में रही सरकार में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें नई सरकार की औपचारिक घोषणा होगी।
राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी के दावे को स्वीकार करते हुए संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, बहुमत परीक्षण और अन्य औपचारिकताओं के बाद नई सरकार का गठन किया जाएगा।
इस घटनाक्रम के बाद पटना में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है।
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