दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा बीजेपी विधायक करनैल सिंह के खिलाफ दायर मानहानि (डिफेमेशन) शिकायत मामले में शनिवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत अब यह तय करेगी कि इस शिकायत पर संज्ञान लिया जाए या नहीं।
यह मामला तब सामने आया जब सत्येंद्र जैन ने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक करनैल सिंह ने उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक बयान दिए थे। जैन का कहना है कि इन बयानों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने सभी प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आदेश सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।
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बीजेपी विधायक करनैल सिंह की ओर से भी अदालत में अपना पक्ष रखा गया, जिसमें उन्होंने अपने बयानों को राजनीतिक टिप्पणी बताया और कहा कि उनका उद्देश्य किसी की छवि खराब करना नहीं था।
यह मामला दिल्ली की राजनीतिक हलचल के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के नेताओं के बीच सीधी कानूनी टक्कर देखने को मिल रही है।
मानहानि के मामलों में अदालत यह तय करती है कि क्या शिकायत में पर्याप्त आधार है या नहीं, और क्या आगे आपराधिक प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत अपना निर्णय सुनाएगी कि बीजेपी विधायक करनैल सिंह के खिलाफ मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लिया जाएगा या नहीं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामले राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर सकते हैं, खासकर चुनावी माहौल में।
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