केंद्र सरकार ने शनिवार को ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ यानी VB-G RAM G के तहत मसौदा नियम जारी कर दिए। सरकार ने इन नियमों को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है, ताकि अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न पक्षों की राय ली जा सके। यह कानून 1 जुलाई से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ये नियम अधिनियम की धारा 33 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को लागू करने के लिए प्रशासनिक, वित्तीय और संस्थागत ढांचा तैयार करना है।
मसौदा नियमों में राष्ट्रीय स्तरीय संचालन समिति, केंद्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, प्रशासनिक खर्च, शिकायत निवारण प्रणाली, मजदूरी भुगतान और बेरोजगारी भत्ता जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, निर्धारित बजट से अधिक होने वाले खर्च और बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के व्यय को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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सरकार ने कहा कि इस परामर्श प्रक्रिया के जरिए राज्यों, विशेषज्ञों, संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे, ताकि योजना को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
मसौदा संक्रमण नियमों में मनरेगा से VB-G RAM G योजना में बदलाव की पूरी रूपरेखा भी पेश की गई है। इसमें चल रहे कार्यों को जारी रखने, पुराने भुगतान और देनदारियों के निपटारे, रिकॉर्ड के हस्तांतरण और ई-केवाईसी सत्यापित जॉब कार्ड की वैधता बनाए रखने का प्रावधान शामिल है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई योजना लागू होने तक श्रमिकों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और किसी भी लाभार्थी को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। माना जा रहा है कि यह नई योजना ग्रामीण रोजगार प्रणाली में बड़ा बदलाव ला सकती है।
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