उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सलेमपुर स्थित मझौलीराज में इस्लामी झंडे पर एके-47 का निशान लगाए जाने को लेकर विवाद के बीच देवरिया सदर से भाजपा विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार किया है। मंच से संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि ऐसे प्रतीकों के जरिए सनातनियों को डराने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस्लामी झंडे की आड़ में एके-47 का निशान लगाना गलत संदेश देने का प्रयास है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद असदुद्दीन ओवैसी नाराज हैं। विधायक ने कहा कि देवरिया और मझौलीराज के लोग ऐसे झंडों से डरने वाले नहीं हैं और प्रशासन को भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने ओवैसी के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें झंडे हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। त्रिपाठी ने कहा कि ओवैसी को यह समझना चाहिए कि किसी भी समुदाय के त्योहार मनाने की स्वतंत्रता का सम्मान है, लेकिन किसी भी प्रतीक के जरिए डर का माहौल बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं होगी।
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विधायक ने अपने भाषण के दौरान विवादित और आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर एके-47 का निशान लगाकर सनातनियों को डराने की कोशिश की गई तो कड़ा जवाब दिया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने देवरिया में सरकारी जमीन पर कथित तौर पर बनी एक मजार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में विधायक बनने के बाद उन्होंने रेलवे ओवरब्रिज के पास बनी इस संरचना पर आपत्ति जताई थी। त्रिपाठी ने दावा किया कि उनके प्रचारक राम नगीना यादव ने भी इसका विरोध किया था और बाद में उनकी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
मामले को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और राजनीतिक नेताओं के बयानों के बाद देवरिया में सियासी माहौल गर्म बना हुआ है।
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