राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा कथित नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और पार्टी सांसद सुप्रिया सुले मंगलवार को प्रदर्शन स्थल पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को सुना।
सीजेपी पिछले कई दिनों से कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन कर रही है। प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए न्याय, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं। जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद हैं।
शरद पवार और सुप्रिया सुले के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने को विपक्ष के बढ़ते समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारियों का हालचाल जाना और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
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इस बीच, जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाल के दिनों में इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। विभिन्न विपक्षी दलों के नेता लगातार प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जता रहे हैं। इससे यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रमुखता से उभरकर सामने आया है।
सीजेपी ने दोहराया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, प्रदर्शन में शामिल छात्र शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अडिग हैं।
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