भारत निर्वाचन आयोग अप्रैल महीने से देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अगली चरण की शुरुआत करने जा रहा है। इस चरण में 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे, जहां मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
इस प्रक्रिया के तहत घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा, डुप्लिकेट या अयोग्य नामों को हटाया जाएगा और पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। यह अभियान चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले यह प्रक्रिया 2025 में बिहार से शुरू हुई थी और बाद में 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों तक विस्तृत की गई थी। अब अगले चरण में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड में यह प्रक्रिया शुरू होगी।
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चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पहले से तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन, दावे और आपत्तियों के लिए समय देना और फिर अंतिम सूची जारी करना शामिल होगा।
यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब कई राज्यों में आगामी चुनाव होने वाले हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है और इस संबंध में कुछ याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।
कुल मिलाकर, यह अभियान देश के चुनावी तंत्र को और मजबूत बनाने और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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