उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बुधवार को एक पिता-पुत्र ने फिर से हिंदू धर्म अपनाकर सुर्खियां बटोरीं। अब्दुल्ला ने अब अपना नाम बदलकर दारोगा सिंह रख लिया है, जबकि उनके बेटे खालिद ने अपना नाम बदलकर नीतीश सिंह रख लिया है। यह ‘घर वापसी’ कार्यक्रम बजरंग दल कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में देवी मंदिर में विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
जानकारी के अनुसार, दोनों ने हवन-पूजन के बाद सनातन धर्म अपनाया और उन्हें जनेऊ भी धारण कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में “जय श्रीराम” के नारे लगाए गए।
दारोगा सिंह ने आरोप लगाया कि करीब 8 साल पहले उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया था और बाद में मदद का भरोसा देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद भी उन्हें किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी के बहकावे या दबाव में आकर धर्म न बदलें। दारोगा सिंह का कहना है कि वे अब पूरी तरह से अपनी मर्जी से हिंदू धर्म में लौटे हैं।
हालांकि, उनके परिवार की स्थिति अभी भी विभाजित है, क्योंकि उनकी पत्नी और दो बच्चे अभी भी इस्लाम धर्म का पालन कर रहे हैं।
इस मामले पर पुलिस ने कहा है कि दोनों ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया है और किसी प्रकार का दबाव सामने नहीं आया है। इसके बावजूद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि कानून के तहत कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर सकता है, लेकिन जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना गैरकानूनी है।
यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
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