वर्ल्ड ऑर्थोपेडिक कंसर्न (WOC) के इंडिया चैप्टर ने अपोलो हॉस्पिटल्स के सहयोग से रविवार को चेन्नई में “2nd एनुअल कांग्रेस WOC इंडिया – चेन्नई स्पोर्ट्स इंजरी कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन किया।
इस अकादमिक सम्मेलन में देशभर से 250 से अधिक ऑर्थोपेडिक सर्जन, स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ, क्लिनिशियन और स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवर शामिल हुए।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य खेलों से जुड़ी चोटों की रोकथाम, उनका सटीक निदान, आधुनिक उपचार पद्धतियों और पुनर्वास तकनीकों पर चर्चा करना था। इसके साथ ही खेल चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीनतम नवाचारों को भी साझा किया गया।
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विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में खेलों में भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ चोटों के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है, ऐसे में उन्नत चिकित्सा तकनीक और त्वरित उपचार बेहद जरूरी हो गया है।
सम्मेलन में विभिन्न सत्रों के दौरान घुटने, कंधे, टखने और मांसपेशियों की चोटों के इलाज में नई सर्जिकल तकनीकों और पुनर्वास प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
डॉक्टरों ने यह भी रेखांकित किया कि खेल चोटों के इलाज में केवल सर्जरी ही नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपी और मानसिक पुनर्वास की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक तकनीक जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग अब खेल चिकित्सा में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इलाज अधिक सटीक और प्रभावी हो रहा है।
विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के सम्मेलन भारत में खेल चिकित्सा के क्षेत्र को नई दिशा देंगे और खिलाड़ियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।
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