राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर लद्दाख के शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के मुद्दों को संसद में उठाने का आश्वासन दिया।
सोनम वांगचुक देशभर में कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। वह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है। वांगचुक का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सुप्रिया सुले ने वांगचुक से मुलाकात के बाद कहा कि वह नीट छात्रों और युवाओं की समस्याओं को संसद में मजबूती से उठाएंगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सभी जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से काम करना चाहिए।
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सोनम वांगचुक इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता के रूप में देशभर में पहचान रखते हैं। वह लद्दाख में शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े कई अभियानों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने इससे पहले भी युवाओं, शिक्षा व्यवस्था और लद्दाख के मुद्दों को लेकर कई आंदोलन किए हैं।
नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों और अभिभावकों ने चिंता जताई है। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं, सरकार की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई कदम उठाए जाने की बात कही गई है। शिक्षा मंत्रालय ने भी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए आवश्यक उपायों पर जोर दिया है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को कई सामाजिक और राजनीतिक नेताओं का समर्थन मिल रहा है। सुप्रिया सुले की मुलाकात के बाद इस मुद्दे को संसद में उठाए जाने की संभावना और बढ़ गई है।
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