समाजवादी पार्टी (सपा) के रामपुर से सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से जनता का ध्यान हटाने के लिए जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा रहा है।
दरअसल, सपा नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासनिक कार्रवाई की तलवार लटक रही है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर 38 इमारतों को 15 दिनों के भीतर गिराने का आदेश दिया है। आदेश का पालन नहीं करने पर प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी को हर हाल में बचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान बच्चों के भविष्य से जुड़ा है और इसे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
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नदवी ने कहा कि वह दिल्ली से रामपुर जा रहे हैं और लगातार लोगों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए आगे आएंगे।
सपा सांसद ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं। यहां सभी धर्मों और वर्गों के बच्चे पढ़ने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक कारणों से इस मामले को तूल दे रही है।
वहीं, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी यूनिवर्सिटी की इमारतों को गिराने के आदेश को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
क्या है पूरा मामला?
रामपुर विकास प्राधिकरण ने हाल ही में आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया है। प्राधिकरण का कहना है कि ये इमारतें बिना स्वीकृत नक्शे और अनुमति के बनाई गई थीं।
यह आदेश उत्तर प्रदेश शहरी योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद जारी किया गया। आरडीए के अनुसार, जांच में पाया गया कि निर्माण कार्य नियमों का उल्लंघन करते हुए किए गए हैं।
प्राधिकरण ने यह भी दावा किया है कि यूनिवर्सिटी में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे आपात स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कुछ वर्षों से जमीन विवाद और लीज नियमों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर कानूनी विवादों में रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कैंपस के कुछ हिस्सों को अपने कब्जे में भी लिया है।
इस साल की शुरुआत में आजम खान और उनके परिवार ने यूनिवर्सिटी संचालित करने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया था। आजम खान इस ट्रस्ट के चांसलर और आजीवन अध्यक्ष रहे हैं। मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
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