पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) यानी जदयू नेतृत्व पर सीधा निशाना साधते हुए तंज कसा कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग केवल तीन–चार लोगों के हाथों में चल रहा है।
तेजस्वी यादव ने यह बयान जदयू नेता निशांत कुमार से जुड़े मुद्दों और स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
राजद नेता ने कहा कि बिहार के सरकारी अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की कमी और इलाज की गुणवत्ता जैसे मुद्दे लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग में निर्णय लेने की प्रक्रिया कुछ सीमित लोगों तक सिमट गई है, जिससे पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।
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तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सुधार के बजाय सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की हकदार है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था उस अपेक्षा पर खरी नहीं उतर रही। तेजस्वी ने सरकार से मांग की कि स्वास्थ्य विभाग में व्यापक सुधार किए जाएं और जिम्मेदारी तय की जाए।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह बयान बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा सकता है, खासकर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पहले से चल रही बहस के बीच।
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