तेलंगाना विधानसभा में रविवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना हेट स्पीच और हेट क्राइम (रोकथाम) बिल, 2026 पेश किया। इस बिल का उद्देश्य समाज में फैल रही नफरत और घृणा अपराधों को नियंत्रित करना है।
बिल के अनुसार, हेट स्पीच में वह सभी अभिव्यक्तियां शामिल होंगी जिनका उद्देश्य किसी व्यक्ति, किसी समूह या किसी समुदाय के खिलाफ चोट पहुंचाना, समाज में असहमति पैदा करना, शत्रुता, घृणा या दुश्मनी की भावना उत्पन्न करना हो।
हेट क्राइम्स के लिए सजा का प्रावधान भी बिल में स्पष्ट किया गया है। पहली बार अपराध करने वाले को न्यूनतम एक साल और अधिकतम सात साल की जेल के साथ 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, यदि अपराधी दोबारा ऐसा अपराध करता है, तो उसे न्यूनतम दो साल और अधिकतम दस साल की जेल तथा 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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बिल में यह भी कहा गया है कि अदालतें अपराध की गंभीरता और पीड़ित पर पड़े प्रभाव के अनुसार उचित मुआवजा भी दे सकती हैं। इससे न केवल अपराधी को सजा मिलेगी बल्कि पीड़ित को न्याय मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी ने कहा कि समाज में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस बिल के जरिए नफरत फैलाने वाले तत्वों को कड़ी सजा दी जाएगी और समुदायों के बीच शांति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में साम्प्रदायिक सौहार्द और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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