केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार, 24 अगस्त को बताया कि बंबीहा गैंग से जुड़े तीन फरार अपराधियों को मलेशिया से भारत लाया गया है। इन तीनों पर जबरन वसूली, सीमा पार हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी समेत कई गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप है।
भारत की सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों से जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह को मलेशिया में पकड़ा गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भारत निर्वासित किया गया। भारत पहुंचने के बाद तीनों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
अमित शाह के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपी बंबीहा गैंग से जुड़े हैं। उन पर जबरन वसूली, सीमा पार हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा लुधियाना में एक असफल ग्रेनेड हमले की साजिश में शामिल होने के आरोप भी हैं।
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2026 में 51 कुख्यात अपराधी भारत लाए गए
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित और मजबूत भारत के दृष्टिकोण के तहत भारतीय एजेंसियों ने वर्ष 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों को विदेशों से निर्वासित कराने में सफलता हासिल की है।
सरकार के अनुसार, विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ भारतीय एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और संबंधित देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय कर आरोपियों को भारत वापस लाया जा रहा है।
मई में भी यूएई से लाए गए थे दो आरोपी
इससे पहले मई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ समन्वय करके संयुक्त अरब अमीरात से दो वांछित आरोपियों को भारत वापस लाया था।
इनमें कमलेश पारेख पर भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से जुड़े सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में शामिल होने का आरोप था। वहीं आलोक कुमार उर्फ यशपाल सिंह हरियाणा में फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के जरिए पासपोर्ट हासिल कराने वाले कथित गिरोह से जुड़ा था।
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