पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिधाननगर नगर निगम के पार्षद सब्यसाची दत्ता को कथित जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, बिधाननगर उत्तर थाना की टीम ने उन्हें राजारहाट के निकट रायगाछी इलाके से हिरासत में लिया।
सब्यसाची दत्ता वर्तमान में बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 31 के पार्षद हैं। उन पर करोड़ों रुपये के कथित उगाही रैकेट में शामिल होने का आरोप है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उनसे आगे भी पूछताछ की जाएगी।
सब्यसाची दत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। उन्होंने कुछ वर्ष पहले टीएमसी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया था, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद वह फिर से टीएमसी में लौट आए थे। हाल के विधानसभा चुनाव में वह बारासात विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी के उम्मीदवार भी रहे थे।
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दत्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब राज्य में कई टीएमसी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। इससे पहले टीएमसी नेता अभिजीत पोले, जिन्हें "छोटू" के नाम से जाना जाता है और जिन्हें दत्ता का करीबी माना जाता है, को स्थानीय दुकानदारों से कथित वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा बिधाननगर नगर निगम के पार्षद सुषोवन मंडल उर्फ "माइकल" को भी व्यापारियों की शिकायतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। पिछले एक महीने में कई पार्षदों, पंचायत प्रमुखों और स्थानीय पदाधिकारियों को उगाही, धमकी, मारपीट और अवैध तस्करी जैसे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच टीएमसी नेता जहांगीर खान को भी नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फलता थाने में सात एफआईआर दर्ज हैं। लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को लेकर बहस तेज कर दी है।
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