पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद शंतनु सेन तथा नेता अरूप चक्रवर्ती ने गुरुवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं ने अपने इस्तीफे में RG Kar रेप-मर्डर मामले और भ्रष्टाचार के आरोपों को प्रमुख कारण बताया है।
शंतनु सेन, जो कोलकाता नगर निगम (KMC) के पार्षद भी हैं, ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए जनादेश को देखते हुए वे यह निर्णय ले रहे हैं। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि वे लंबे समय से पार्टी के विचारों का समर्थन करते रहे हैं, भले ही कई मुद्दों पर उनकी असहमति रही हो।
लेकिन वर्तमान परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने RG Kar मामला, ‘अभया केस’ और नौकरी के बदले पैसे जैसे भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण पार्टी को नकार दिया है। ऐसे में वे प्रवक्ता के रूप में पार्टी का बचाव करने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना चाहता हूं। कृपया मेरे इस्तीफे को स्वीकार किया जाए।”
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दूसरी ओर, अरूप चक्रवर्ती ने भी व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संगठन की विचारधारा और मूल्यों को जनता और मीडिया के सामने रखने का प्रयास किया। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है और उसे 294 सीटों में से केवल 80 सीटें ही मिली हैं। इसके बाद से पार्टी के भीतर असंतोष और असहमति खुलकर सामने आने लगी है।
इस बीच टीएमसी नेता काकली घोष दस्तीदार ने भी पार्टी पदों से इस्तीफा दे दिया है और RG Kar मामले सहित कई मुद्दों पर नेतृत्व की आलोचना की है। उन्होंने लोकसभा में पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन्हें बनर्जी ने “प्रेरित” बताते हुए खारिज कर दिया है।
टीएमसी में जारी इस राजनीतिक उथल-पुथल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है।
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