ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर को शनिवार को हवाई हमले में मारे जाने का दावा इजराइल ने किया है। ईरान के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक, पाकपोर ने 260 दिनों तक IRGC के कमांडर के रूप में कार्य किया। उन्हें इस पद पर नियुक्ति पूर्व कमांडर हुसैन सलामी के हटाए जाने के बाद दी गई थी।
पाकपोर ने पिछले महीने इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका को "गलतफहमी से बचने" की चेतावनी दी थी और कहा था कि इस्लामिक गणराज्य "पहले से कहीं ज्यादा तैयार" है और "उंगलियां ट्रिगर पर हैं"। उनका यह बयान उनकी तैयारियों को लेकर एक मजबूत संकेत था कि ईरान किसी भी बाहरी हमले का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
यह ध्यान देने योग्य है कि पाकपोर को 2025 में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई द्वारा मेजर जनरल के पद पर पदोन्नति दी गई थी, और उन्हें IRGC की "क्षमताओं, तत्परता, और आंतरिक एकजुटता को बढ़ाने" के लिए निर्देशित किया गया था।
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इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकपोर का मारा जाना, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यह दोनों देशों के बीच युद्ध के बादल और बढ़ाते हुए, एक नई रणनीतिक दिशा की ओर इशारा करता है।
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