नई दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में मस्जिद के पास चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को आठ आरोपियों को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह हिंसा उस समय भड़की जब नगर निगम की कार्रवाई के दौरान पुलिस और कुछ लोगों के बीच झड़प हो गई।
इस मामले में तुर्कमान गेट स्थित फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास कथित तौर पर पत्थरबाजी करने के आरोप में पांच अन्य आरोपियों ने न्यायिक मजिस्ट्रेट सायेशा चड्ढा की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की। इन आरोपियों की ओर से पेश बचाव पक्ष के वकीलों ने आरोप लगाया कि जेल परिसर के अंदर जेल अधिकारियों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले पांचों आरोपियों के मेडिकल रिकॉर्ड पेश किए जाएं।
मोहम्मद आरिब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर के वकीलों ने बताया कि एक नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है, जिसके मद्देनज़र उन्हें जमानत पर बहस की तैयारी के लिए और समय चाहिए। अदालत ने उनकी यह मांग स्वीकार करते हुए 13 जनवरी तक का समय दिया।
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ताजा गिरफ्तारियों के साथ पुलिस अब तक कुल 13 लोगों को हिरासत में ले चुकी है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान आठ नए आरोपी—अफान, आदिल, शहनवाज, आमिर हमजा, उबादुल्लाह, अत्तर्र, मोहम्मद इमरान और मोहम्मद इमरान—को मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी को 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने कहा कि सभी आरोपियों को गिरफ्तारी के आधार बताए गए हैं और प्रथम दृष्टया हिंसा स्थल पर उनकी मौजूदगी स्पष्ट होती है। बचाव पक्ष ने पुलिस की रिमांड अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने आरोपियों की संलिप्तता साबित करने के लिए कोई वीडियो साक्ष्य पेश नहीं किया है। वहीं दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि गिरफ्तारियां कांस्टेबलों की पहचान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई हैं।
दिल्ली पुलिस ने नए आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) समेत दंगा और लोक सेवकों के काम में बाधा डालने से जुड़ी धाराएं भी लगाई हैं। पुलिस के अनुसार, पत्थरबाजी की घटना में छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कुछ को सिर जैसे महत्वपूर्ण अंगों में चोटें आईं।
यह हिंसा मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात रामलीला मैदान क्षेत्र में फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान भड़की थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर मस्जिद को तोड़े जाने की अफवाह फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए। पुलिस के मुताबिक 150 से 200 लोगों ने पुलिस और एमसीडी कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं। एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया और अभियान में लगभग 36,000 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाया गया।
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