अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौता तय हो गया है और इस पर यूरोप में इस सप्ताहांत हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहा तनाव समाप्ति की ओर बढ़ रहा है और दोनों पक्ष समझौते को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने पर सहमत होगा। साथ ही, वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को भी जल्द खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अगले कुछ दिनों में समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने ट्रंप को ईरान पर नए हमले नहीं करने के लिए मनाने में अहम भूमिका निभाई। बताया गया है कि इन नेताओं ने ट्रंप से संपर्क कर सैन्य कार्रवाई के बजाय कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील की।
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रिपोर्टों के मुताबिक, इन नेताओं ने ट्रंप को भरोसा दिलाया कि ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई संभावित युद्धविराम और शांति वार्ताओं को नुकसान पहुंचा सकती है। उनके अनुसार, प्रारंभिक समझौते भविष्य में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
हालांकि, ईरान ने ट्रंप के दावों को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान ने अभी तक किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं दी है और कहा कि जब तक ईरान आधिकारिक घोषणा नहीं करता, तब तक ट्रंप के बयानों को अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए।
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