यूक्रेन और पड़ोसी देश मोल्दोवा में शनिवार (31 जनवरी, 2026) को बड़े पैमाने पर बिजली कटौती देखने को मिली, जिससे कड़ाके की ठंड के बीच आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री डेनिस ने बताया कि यह बिजली संकट यूक्रेन और मोल्दोवा को जोड़ने वाली बिजली लाइनों में तकनीकी खराबी के कारण उत्पन्न हुआ।
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, इस तकनीकी विफलता के चलते यूक्रेन के पावर ग्रिड में “कैस्केडिंग आउटेज” हुआ, जिससे स्वचालित सुरक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। राजधानी कीव के अलावा झितोमिर और खारकीव क्षेत्रों में भी ब्लैकआउट की सूचना मिली। बिजली गुल होने से कीव में जल आपूर्ति बाधित हुई और कम वोल्टेज के कारण मेट्रो सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित करनी पड़ीं।
मोल्दोवा में भी हालात गंभीर रहे। राजधानी चिसिनाउ सहित कई क्षेत्रों में बिजली कटौती हुई। मोल्दोवा के ऊर्जा मंत्री डोरिन जुंगहिएतु ने कहा कि यूक्रेन में बिजली लाइनों के फेल होने से स्वचालित प्रणाली सक्रिय हो गई और आपूर्ति बंद करनी पड़ी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
और पढ़ें: ओडिशा में गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने पांच बाइक सवारों को कुचला, पांच की मौत
यह संकट ऐसे समय में आया है जब रूस द्वारा यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। यूक्रेनी अधिकारी इसे “सर्दी को हथियार बनाने” की रणनीति बताते हैं, जिसके तहत नागरिकों को गर्मी, रोशनी और पानी से वंचित किया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में यूक्रेन में तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अत्यधिक ठंड को देखते हुए कीव और अन्य शहरों पर अस्थायी रूप से हमले रोकने पर सहमति जताई है। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की मंशा पर संदेह जताते हुए कहा कि युद्ध समाप्त करने के कोई ठोस संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।
और पढ़ें: भारत ने न्यूजीलैंड को 46 रन से हराया, पांचवां टी20 भी भारत के नाम