महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज़ हवाओं ने राज्य के कई जिलों में भारी नुकसान पहुँचाया है। अधिकारियों के अनुसार, इस बेमौसम बारिश से 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर असर पड़ा है। जिन जिलों में अधिक नुकसान हुआ है, उनमें पुणे, नाशिक, सोलापुर, अहिल्यानगर, जलगांव, कोल्हापुर, धुले, बुलढाणा और छत्रपति संभाजी नगर शामिल हैं।
कृषि विभाग के अनुसार, रबी फसलें, जो पहले से तैयार हो चुकी थीं, और खड़ी फसलें दोनों भारी नुकसान का सामना कर रही हैं। इसके साथ ही, फलों के बगीचों में भी काफी नुकसान हुआ है, खासकर अंगूर, अनार और आम के बगीचों में। भारी फल गिरने की घटना ने फलों के उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कई क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण पहले ही शुरू कर दिए गए हैं।
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किसान संघों ने सरकार से तत्काल राहत पैकेज की मांग की है, क्योंकि इस नुकसान से उनके लिए खेती करना और भी मुश्किल हो गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा किसानों को कितनी जल्दी मिलेगा और उनकी समस्याओं का समाधान किस हद तक हो पाता है।
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