उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद जारी की गई प्रारंभिक मतदाता सूची में एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने मंगलवार को बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल कुल 12.55 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 8 प्रतिशत यानी 1.04 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हो पाई है। इन मतदाताओं को अब नोटिस जारी किए जाएंगे।
नवदीप रिनवा के अनुसार, इन ‘अनमैप्ड’ मतदाताओं का विवरण अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने से पहले सत्यापित किया जाना जरूरी है। इसके लिए निर्वाचन आयोग की ओर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे, जिनमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि उन्हें कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे। ये दस्तावेज उनके पते, पहचान और अन्य आवश्यक विवरणों के सत्यापन के लिए मांगे जाएंगे।
सीईओ ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध, त्रुटिरहित और अद्यतन हो। अंतिम मतदाता सूची मार्च में प्रकाशित की जानी है, और उससे पहले सभी आवश्यक सत्यापन कार्य पूरे किए जाएंगे।
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विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मकसद मतदाता सूची से फर्जी, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना है। चुनाव आयोग का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक साफ और विश्वसनीय मतदाता सूची बेहद जरूरी है।
निर्वाचन आयोग ने ‘अनमैप्ड’ मतदाताओं से अपील की है कि वे नोटिस मिलने पर समय रहते जरूरी दस्तावेज जमा करें, ताकि उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें। आयोग का यह भी कहना है कि इस प्रक्रिया से किसी भी योग्य मतदाता का नाम न छूटे, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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