पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर भारत की सीमा नहीं है, बल्कि यह वह क्षेत्र है जहां से भारत की शुरुआत होती है। उन्होंने यह बात गुवाहाटी में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम में कही।
सेवानिवृत्त जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गुवाहाटी के कलाक्षेत्र स्थित श्रीमंत शंकरदेव अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित भव्य सामूहिक गायन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह आयोजन विद्या भारती और शिक्षा समिति असम की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बड़े पैमाने पर सामूहिक गायन कराना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, ‘नमामि भारतम्’ देशभर में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिक एक साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर रहे हैं।
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गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम जनरल द्विवेदी की पूर्वोत्तर में पहली सार्वजनिक उपस्थिति के तौर पर भी महत्वपूर्ण रहा। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम में क्षेत्र के युवाओं के बीच सांस्कृतिक भागीदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किए जाने की भी जानकारी दी गई है। आयोजकों ने बताया कि सामूहिक गायन और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के मद्देनजर कार्यक्रम का संचालन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा रहा है।
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