अमेरिकी सेनाओं ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कैरिबियन सागर में प्रतिबंधित तेल टैंकर ओलिना (Olina) को जब्त किया, जिससे वेनेज़ुएला के तेल वितरण पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान को और मजबूती मिली है। यह अब तक उस अभियान के तहत अमेरिका द्वारा पकड़ा गया पाँचवां टैंकर है, जिसकी घोषणा दक्षिणी कमान ने की।
अमेरिकी दक्षिणी कमान (U.S. Southern Command) ने बताया कि यह कार्य पूर्व-सुबह किया गया, जिसमें अमेरिकी मरीन और नौसेना के जवानों ने यूएसएस जेराल्ड R. फोर्ड समूह से ओलिना को बिना किसी प्रतिरोध के अटकाया।
रिपोर्टों के अनुसार, ओलिना पहले पनामा ध्वज के तहत थी और उसके पुराने नाम मिनर्वा M के रूप में 2025 में प्रतिबंधित किया गया था। बाद में यह टैंकर कथित रूप से तिमोर-लेस्ते के झूठे ध्वज के साथ समुद्र में सक्रिय रहा, लेकिन वास्तविक रूप से यह वेनेज़ुएला से तेल ले जा रहा था।
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यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ट्रंप प्रशासन वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अचानक गिरफ्तारी और उसके बाद वहां के तेल उद्योग पर नियंत्रण पाने के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि यह अभियान उन जहाज़ों को निशाना बना रहा है जो प्रतिबंधों को बचाकर “छाया बेड़े (shadow fleet)” के नाम से तेल का अवैध व्यापार कर रहे हैं।
अमेरिकी तट रक्षक (Coast Guard) ने इस जब्ती पर तत्काल टिप्पणी नहीं की और सभी पूछताछ को व्हाइट हाउस की ओर निर्देशित किया। इस सिलसिले में अमेरिका का कहना है कि प्रतिबंधित तेल परिवहन को रोककर वे वेनेज़ुएला के तेल वितरण को नियंत्रित करना चाहते हैं और संभावित रूप से इस क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहते हैं।
ओलिना टैंकर का कब्जा वेनेज़ुएला से जुड़े तेल व्यापार में संलिप्त प्रतिबंधित जहाज़ों के खात्मे की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल व्यापार, समुद्री कानून और राजनयिक तनावों पर भी असर पड़ रहा है।
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