अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को समाप्त करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देश एक “14 सूत्रीय एक पृष्ठीय समझौता ज्ञापन” (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर सहमत होने के करीब हैं, जिसका उद्देश्य तत्काल युद्धविराम लागू करना और व्यापक परमाणु समझौते के लिए 30 दिन की वार्ता अवधि शुरू करना है।
इस प्रस्तावित ढांचे के तहत ईरान अल्पकालिक अवधि के लिए यूरेनियम संवर्धन को रोकने पर सहमत हो सकता है। इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने और उसके अरबों डॉलर के फंड को अनफ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
इसके साथ ही दोनों देश होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करने और व्यापारिक मार्गों को सामान्य करने पर भी काम करेंगे। हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि ये सभी शर्तें आगे की वार्ता पर निर्भर हैं, जिससे समझौते की राह अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
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सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में होर्मुज क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में कमी करने का जो निर्णय लिया, वह इस कूटनीतिक प्रगति का परिणाम है। इस बातचीत का नेतृत्व अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर कर रहे हैं, जो ईरान से प्रत्यक्ष और मध्यस्थों के माध्यम से संपर्क में हैं।
यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो इसे युद्ध समाप्ति की आधिकारिक घोषणा माना जाएगा और आगे की तकनीकी वार्ता या तो इस्लामाबाद या जिनेवा में हो सकती है।
सबसे बड़ा विवाद यूरेनियम संवर्धन पर रोक की अवधि को लेकर है। अमेरिका इसे 20 साल तक रोकना चाहता है, जबकि ईरान केवल 5 साल के लिए तैयार है। संभावित समझौता 12 से 15 साल के बीच हो सकता है।
अमेरिका यह भी चाहता है कि यदि ईरान शर्तों का उल्लंघन करता है तो रोक को बढ़ाया जा सके। प्रस्ताव के अनुसार, बाद में ईरान को सीमित स्तर पर 3.67 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिल सकती है, लेकिन परमाणु हथियार बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, व्हाइट हाउस का मानना है कि ईरानी नेतृत्व में मतभेद हैं, जिससे अंतिम समझौते पर पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
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