अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम वार्ता को लेकर नई हलचल सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश एक बार फिर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत के लिए लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ इस बैठक में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, दोनों देशों ने अभी तक इस कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग ने भी स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है।
इस बीच, 14 दिन का युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, जिससे वार्ता पर दबाव बढ़ गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कई बार युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो क्षेत्र में फिर से संघर्ष भड़क सकता है।
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वहीं, गालिबाफ ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ईरान “धमकियों के साये में बातचीत” स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान ने पिछले दिनों में अपनी रणनीतिक तैयारियां मजबूत की हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने वार्ता के लिए हरी झंडी दे दी है, जिससे बातचीत की संभावना बढ़ गई है।
मध्य पूर्व में जारी इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। ऐसे में यह प्रस्तावित वार्ता शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, हालांकि तनाव अभी भी बरकरार है।
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