पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में ईरान की दस से अधिक माइन बिछाने वाली नौकाओं को नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई का वीडियो भी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने जारी किया है।
जारी किए गए वीडियो में ईरानी जहाजों और पनडुब्बियों को निशाना बनाकर किए गए हमले दिखाई दे रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की नौसैनिक क्षमता को कमजोर करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रह सके।
हालांकि, ईरान ने दावा किया है कि उसने पहले ही इस समुद्री मार्ग में बड़ी संख्या में माइन तैनात कर दी हैं। एक ईरानी सैन्य कमांडर ने चेतावनी देते हुए कहा कि दुश्मन देशों से जुड़े किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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रिपोर्टों के अनुसार ईरान के पास करीब 6,000 समुद्री माइन मौजूद हैं, जिनमें से कई अत्याधुनिक सेंसर से सक्रिय होने वाली हैं। इन्हें जलडमरूमध्य के संकरे हिस्सों में रणनीतिक रूप से लगाया जा सकता है, जिससे जहाजों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी माइन हटाने चाहिए, नहीं तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी कई मिसाइल दागने का वीडियो जारी किया है।
इस बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य आंशिक रूप से प्रभावित होने से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
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