अमेरिकी सीनेट ने गुरुवार (15 जनवरी 2026) को संघीय विज्ञान एजेंसियों के लिए अरबों डॉलर के अतिरिक्त फंड को मंजूरी दे दी। इस फैसले के साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अंतरिक्ष और अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों में प्रस्तावित भारी बजट कटौती को खारिज कर दिया गया। सीनेट द्वारा पारित इस विधेयक में नासा (NASA), नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) और नेशनल ओशेनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) को व्हाइट हाउस के प्रस्ताव से कहीं अधिक वित्तीय सहायता दी गई है।
विधेयक के तहत NSF को कुल 8.75 अरब डॉलर दिए जाएंगे, जो क्वांटम सूचना विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य उभरते शोध क्षेत्रों में इस्तेमाल होंगे। इससे पहले व्हाइट हाउस ने NSF के बजट में 57 प्रतिशत तक कटौती का प्रस्ताव रखा था। डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस वैन होलेन के अनुसार, यह फंडिंग लगभग 10,000 नए प्रतिस्पर्धी शोध अनुदानों और 2.5 लाख से अधिक वैज्ञानिकों, तकनीशियनों, शिक्षकों और छात्रों को समर्थन देगी।
सीनेट ने नासा के लिए प्रस्तावित लगभग सभी कटौतियों को भी खारिज कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने नासा के 24.9 अरब डॉलर के बजट में से 6 अरब डॉलर की कटौती चाही थी, लेकिन सीनेट ने केवल मामूली कटौती करते हुए 24.44 अरब डॉलर का आवंटन मंजूर किया। विधेयक में नासा साइंस बजट में 47 प्रतिशत कटौती और 55 चल रही या प्रस्तावित मिशनों को समाप्त करने के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया गया।
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इसके अलावा, खगोल भौतिकी के लिए 1.6 अरब डॉलर का प्रावधान किया गया है, जिसमें डार्क एनर्जी की जांच के लिए एक दूरबीन को पूरा करने हेतु 300 मिलियन डॉलर और शनि के सबसे बड़े चंद्रमा की खोज के लिए ड्रैगनफ्लाई मिशन को 500 मिलियन डॉलर शामिल हैं।
हालांकि, रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने इस विधेयक की आलोचना करते हुए कहा कि NSF पर खर्च किए जा रहे 8.75 अरब डॉलर करदाताओं के पैसे की बर्बादी है, जिनमें पर्याप्त निगरानी और स्पष्ट सार्वजनिक लाभ नहीं है। वहीं, सीनेटर मारिया कैंटवेल ने इसे विज्ञान के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला बताया।
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