उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट 2026 को लेकर केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने आज ‘विकसित भारत’ का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया है। The Indian Witness को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि इस बजट के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने यह ऐतिहासिक बजट पेश किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह बजट देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को प्रतिबिंबित करता है। इसमें ‘विकसित भारत’ की स्पष्ट दृष्टि और मिशन दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया गया है, जिसमें सात रेल कॉरिडोरों का प्रावधान भी शामिल है। बजट में आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही यह आम लोगों के हितों और महिला सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता देता है।
वहीं, संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर प्रणाली को सरल और नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ को बढ़ाने और आयकर व्यवस्था को सरल बनाने पर है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) द्वारा किसी व्यक्ति को दिए गए ब्याज को अब आयकर से मुक्त कर दिया गया है, जिससे दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
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इसके अलावा, विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए ओवरसीज टूर पैकेज पर टीसीएस की दर 5 और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। शराब, स्क्रैप और खनिजों की बिक्री पर भी टीसीएस को 2 प्रतिशत पर युक्तिसंगत किया गया है।
बजट में तंबाकू उत्पादों पर उत्पाद शुल्क और नया उपकर लगाने का प्रस्ताव भी है, जिससे कीमतें बढ़ सकती हैं। साथ ही, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कुछ आयात शुल्क छूटों को समाप्त किया गया है। सरकार का कहना है कि ये सुधार आम नागरिकों की जिंदगी को आसान बनाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
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