आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार, 22 अगस्त को घोषणा की कि वेलिगोंडा परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन 31 अगस्त को किया जाएगा। इसी दिन परियोजना से पानी भी छोड़ा जाएगा। इस परियोजना से राज्य के कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की सुविधा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि परियोजना के पहले चरण से प्रकाशम, नेल्लोर, कडपा और मार्कापुरम जिलों में करीब 1.19 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई हो सकेगी। इसके अलावा लगभग चार लाख लोगों की पेयजल जरूरतें भी पूरी की जा सकेंगी।
नायडू ने कहा कि वेलिगोंडा परियोजना को पूरा करना उनके लिए एक लंबे सपने के साकार होने जैसा है। उन्होंने याद किया कि करीब 30 साल पहले, 1996 में उन्होंने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान परियोजना के पहले चरण पर करीब 2,250 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने परियोजना के निर्धारित समय में पूरा होने पर खुशी जताई।
शनिवार को अपने कैंप कार्यालय में नायडू ने वेलिगोंडा परियोजना के कारण विस्थापित हुए परिवारों को मुआवजे की तीसरी किस्त के रूप में 250 करोड़ रुपये का चेक भी प्रदान किया। सरकार का कहना है कि विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
वेलिगोंडा परियोजना आंध्र प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं में से एक मानी जाती है। इसके पहले चरण के शुरू होने से सूखे और पानी की कमी से प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। सिंचाई क्षमता बढ़ने से कृषि गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री नायडू ने परियोजना को क्षेत्र के विकास और लोगों की लंबे समय से चली आ रही पानी की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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