वेदारण्य तालुका के तटीय गाँव वेल्लापल्लम में मछुआरी हार्बर परियोजना का कार्य लगभग एक वर्ष से रुका हुआ है। सड़क निर्माण, पेयजल पाइपलाइन इंस्टॉलेशन और अन्य बुनियादी ढाँचे की गतिविधियाँ ठप पड़ी हैं, क्योंकि ₹100 करोड़ के संशोधित अनुमान की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। यह परियोजना मछुआरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए 2019 में ₹132 करोड़ की लागत से मंजूर की गई थी।
मछुआरी हार्बर परियोजना का उद्देश्य डेल्टा तट पर हजारों मछुआरों के जीवन यापन को बेहतर बनाना था। हालांकि, अधिकारी यह मानते हैं कि परियोजना अब लगभग 80% पूरी हो चुकी है। इस परियोजना में तकनीकी चुनौतियाँ आ रही हैं, जिनमें मिट्टी की स्थिति के कारण समस्याएँ उत्पन्न हुईं। इसके चलते कार्य की गति धीमी हो गई है।
परियोजना के अधिकारी पहले ही ₹100 करोड़ के अतिरिक्त संशोधित अनुमान को पेश कर चुके हैं और इसकी मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। यह परियोजना क्षेत्रीय मछुआरों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है, लेकिन अब तक अनुमोदन का इंतजार किया जा रहा है।
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वेल्लापल्लम हार्बर के निर्माण से मछुआरों के लिए बेहतर सुरक्षा, आवागमन के साधन, और बेहतर जीवन स्तर की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन कार्य में देरी से स्थानीय मछुआरों और समुदाय को नुकसान हो रहा है।
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