विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने फ्लाईदुबई विमान में कथित हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने में भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की है। संगठन ने इस घटना को 9/11 जैसी साजिश से जोड़ते हुए आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर साझा रणनीति बनाने की मांग की।
वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र कुमार जैन ने शनिवार को नई दिल्ली में कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उनके अनुसार, दुनिया को आतंकवाद और कट्टरपंथी हिंसा से निपटने के लिए समन्वित प्रयास करने की जरूरत है।
रिपोर्टों के अनुसार, 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया था। घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने स्थिति को संभालने में मदद की और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के ताबुक में उतारा गया। कैप्टन मच्छार इस घटना में घायल हुए थे।
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वीएचपी ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत रणनीति की मांग करते हुए कहा कि ऐसे खतरों से जमीन, समुद्र और हवाई क्षेत्र में मिलकर निपटने की आवश्यकता है।
सुरेंद्र जैन ने संगठन की ओर से कई अन्य मांगें भी रखीं। इनमें धार्मिक घृणा से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालतों में कराने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और कुछ संस्थानों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग शामिल है।
वीएचपी ने जनवरी से 31 अगस्त 2026 के बीच कथित हमलों में 254 हिंदुओं की मौत का दावा भी किया। हालांकि, यह आंकड़ा संगठन द्वारा जारी सूची और उसके दावे पर आधारित है।
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