भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को संसद भवन में नौ नवनिर्वाचित और पुनर्निर्वाचित राज्यसभा सदस्यों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर नए सदस्यों ने उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण की और संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाने का संकल्प लिया।
राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह संसद भवन परिसर में आयोजित किया गया। इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सभी नए सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ लेने वाले सदस्यों में विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद शामिल हैं। इन सदस्यों का चुनाव हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के बाद हुआ था। कुछ सदस्य पहली बार उच्च सदन में पहुंचे हैं, जबकि कुछ सदस्य दोबारा निर्वाचित होकर राज्यसभा में लौटे हैं।
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राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन है, जिसमें देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व होता है। राज्यसभा के सदस्य कानून निर्माण, नीतिगत चर्चा और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शपथ ग्रहण के बाद नए सांसदों के लिए सदन की कार्यवाही में भाग लेने का रास्ता खुल गया है। संसद के मानसून सत्र के दौरान इन सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।
इससे पहले भी नए सदस्यों के शपथ ग्रहण के दौरान राज्यसभा की परंपराओं और नियमों का पालन किया जाता रहा है। सदस्य संविधान के प्रति निष्ठा और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने की शपथ लेते हैं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सभी नए सदस्यों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे सदन की गरिमा बनाए रखते हुए जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे।
राज्यसभा में नए सदस्यों के शामिल होने के साथ सदन की कार्यवाही में नई भागीदारी देखने को मिलेगी। आगामी दिनों में ये सांसद विभिन्न विधेयकों, नीतियों और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर होने वाली चर्चाओं में हिस्सा लेंगे।
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