पश्चिम बंगाल सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना को डिजिटल तकनीक, नागरिक सहभागिता और डेटा की सटीकता पर विशेष जोर देते हुए आयोजित किया जाएगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल की शुरुआत की है, जिससे नागरिक स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जनगणना 2027 की प्रक्रिया अगस्त 2026 से प्रारंभ होगी और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इस बार पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग किया जाएगा ताकि डेटा संग्रहण अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक हो सके।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह पहल राज्य को आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था की ओर ले जाएगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल पोर्टल के माध्यम से लोग अपने परिवार और व्यक्तिगत जानकारी आसानी से दर्ज कर सकेंगे, जिससे फील्ड स्तर पर कार्य का बोझ कम होगा और त्रुटियों की संभावना भी घटेगी।
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सरकार का उद्देश्य है कि जनगणना प्रक्रिया में अधिक से अधिक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इस डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठा सकें।
अधिकारियों ने बताया कि डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। सभी जानकारी सुरक्षित सर्वर पर संरक्षित की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनधिकृत पहुंच को रोका जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल पहल भारत की सबसे बड़ी सांख्यिकीय प्रक्रिया को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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