केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रविवार को महिला आरक्षण विधेयक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कदम देश की महिलाओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक निर्णायक पहल है। उन्होंने बताया कि इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक केवल एक कानून नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इससे राजनीति, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की उपस्थिति और मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है और यह विधेयक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, इस पहल से समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं को अपने अधिकारों और क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
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सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने भी इस विधेयक का स्वागत किया और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
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