मजदूर किसान शक्ति संगठन ने बताया कि राष्ट्रीय मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) के ताजातरीन अपडेट में व्यापक तकनीकी खराबी देखने को मिली है, खासकर चेहरे की पहचान (facial recognition) फीचर में। यह ऐप महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) के तहत पंजीकृत मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
सरकार ने 1 मार्च से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए चेहरे की पहचान को अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, कई मजदूरों ने शिकायत की कि नया फीचर सही तरह से काम नहीं कर रहा है, जिससे उनकी उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत हो रही है। मजदूरों का कहना है कि ऐप बार-बार त्रुटि दिखाता है और कई बार उनका रजिस्ट्रेशन सफल नहीं हो पा रहा।
मजदूर किसान शक्ति संगठन का कहना है कि यह समस्या व्यापक स्तर पर मौजूद है और इसे जल्द सुलझाना आवश्यक है। संगठन ने सरकार से आग्रह किया कि तकनीकी समस्याओं का समाधान करें और मजदूरों को उनके अधिकारों से वंचित न होने दें।
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इसके बावजूद, सरकार ने बयान जारी किया है कि मंगलवार को 22 लाख से अधिक मजदूरों ने सफलतापूर्वक चेहरे की पहचान के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज की। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सुधार जारी हैं और जल्द ही सभी मजदूर ऐप का सुविधाजनक उपयोग कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी समस्याओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ऐप के उपयोग में बाधा आ रही है। सरकार ने भरोसा दिया है कि प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता के जरिए मजदूरों को सुविधा प्रदान की जाएगी।
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