गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को राज्य के राजस्व विभाग के तीन दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम गुजरात के अडालज स्थित त्रिमंदिर में आयोजित किया गया है।
यह चिंतन शिविर तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें राजस्व विभाग के कार्यों, नीतियों और प्रशासनिक सुधारों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक कर्मचारी और नीति निर्धारण से जुड़े विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि ऐसे चिंतन शिविर सरकार के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि राजस्व विभाग राज्य प्रशासन की रीढ़ की तरह है और इसकी कार्यप्रणाली का सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता है।
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अडालज स्थित त्रिमंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाना है। शिविर में भूमि रिकॉर्ड, राजस्व वसूली, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और जनता को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस तरह के चिंतन शिविरों का उद्देश्य विभागों के बीच समन्वय बढ़ाना और नई नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देना होता है। साथ ही, इससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार और जनता तक सेवाओं की पहुंच को तेज करने में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को सरल और पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
तीन दिवसीय इस चिंतन शिविर के दौरान कई सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ अपने सुझाव और अनुभव साझा करेंगे। इससे राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
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