यमुना नदी की सफाई और पुनर्जीवन के प्रयासों को तेज करते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने शनिवार को नजफगढ़ नाले पर दो अत्याधुनिक मशीनें तैनात की हैं। ये मशीनें ड्यूल पर्पज वीड हार्वेस्टर-कम-ट्रैश स्किमर हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 2.9 करोड़ रुपये बताई गई है।
नजफगढ़ नाला यमुना नदी में प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत माना जाता है, जहां से भारी मात्रा में गंदगी और अपशिष्ट नदी में पहुंचता है। ऐसे में इन मशीनों की तैनाती को यमुना की सफाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मशीनों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि नजफगढ़ नाले की सफाई सीधे तौर पर यमुना की सफाई से जुड़ी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अब ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के तहत आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है, जिससे जमीन पर स्पष्ट बदलाव दिखाई देगा।
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इन मशीनों की खासियत यह है कि ये कैटामरैन डिजाइन पर आधारित हैं, जिससे ये पानी में स्थिर रहती हैं। साथ ही इनमें ड्यूल वीड कटिंग सिस्टम लगा है, जो जलकुंभी और तैरते कचरे को एक साथ हटाने में सक्षम है। इससे न केवल सफाई कार्य तेज होगा, बल्कि जल प्रवाह भी बेहतर होगा और जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इन मशीनों के उपयोग से लगातार सफाई सुनिश्चित होगी और यमुना में प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक और प्रभावी कार्यान्वयन के जरिए यमुना को स्वच्छ बनाया जाए।
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