दिल्ली में यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत राजधानी के 28 घाटों पर एक साथ सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों, सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने घाटों पर जमा कचरे और प्लास्टिक अपशिष्ट को हटाने का कार्य किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय धरोहर है, जिसकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि इस स्वच्छता अभियान में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि पर्यावरण संरक्षण और नदी स्वच्छता के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनता की निरंतर सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नदी में कचरा न फेंकें और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
दिल्ली सरकार का मानना है कि ऐसे अभियान यमुना के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, इससे लोगों को स्वच्छ पर्यावरण के महत्व का संदेश भी मिलता है।
अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में भी यमुना तटों पर नियमित सफाई अभियान चलाए जाएंगे ताकि नदी की स्वच्छता और पारिस्थितिक संतुलन को बेहतर बनाया जा सके। सरकार यमुना के पुनर्जीवन और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न योजनाओं पर भी काम कर रही है।
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