कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन बुधवार को जंतर-मंतर पर 32वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं और व्यापक बैरिकेडिंग की गई है।
यह प्रदर्शन परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। आंदोलन में विभिन्न छात्र संगठनों के साथ-साथ विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी हिस्सा लिया है।
सोमवार को आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 20 से अधिक पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
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मंगलवार को घटनाक्रम ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर धरना दिया। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके से हटाकर हिरासत में ले लिया।
उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी लगातार धरने पर डटे हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक कथित पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। वहीं, राजधानी में प्रमुख सरकारी संस्थानों, संसद क्षेत्र और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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