भारतीय सेना ने देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में 246 सड़कों, भवनों और सुविधाओं के नाम बदल दिए हैं। यह कदम उपनिवेशकालीन प्रतीकों को हटाने और भारतीय सैन्य विरासत पर आधारित पहचान को सुदृढ़ करने के प्रयास का हिस्सा है।
सेना ने बताया कि नए नाम राष्ट्र के वीरता पुरस्कार विजेताओं, युद्ध नायकों और विशिष्ट सैन्य नेताओं को प्रमुखता देते हैं। इन नामों के माध्यम से साहस, बलिदान और नेतृत्व जैसे मूल्यों को सम्मानित किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल सेना के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिनमें उनके संस्थागत स्थानों को भारतीय सैन्य परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों के अनुरूप ढालना शामिल है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल उपनिवेशी प्रभाव को समाप्त करना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सैनिक परंपरा और राष्ट्रीय गौरव को भी उजागर करना है। इससे सेना के ऐतिहासिक योगदान, उसके शौर्य और नेतृत्व को उचित मान्यता मिलेगी।
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सरकार और सेना अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से सैनिकों और आम जनता दोनों में भारतीय सैन्य इतिहास के प्रति सम्मान और गर्व बढ़ेगा। भविष्य में भी भारतीय सेना ऐसे सुधार और पहल करती रहेगी ताकि उसकी संस्थागत पहचान देश की स्वतंत्रता और वीरता पर आधारित रहे।
इस तरह की पहल न केवल संस्थागत सुधार को दर्शाती है, बल्कि यह राष्ट्र के वीरों और उनके बलिदान को भी सशक्त रूप से याद करती है।
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