भीवंडी-निजामपुर नगर निगम में मेयर चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका लगा है। 9 बागी भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का समर्थन कर विपक्षी camp को मेयर पद की दौड़ में बढ़त दिला दी।
90 सदस्यीय निगम में मेयर पद के लिए 46 सीटें आवश्यक हैं। हाल ही में हुए निगम चुनाव में किसी भी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल नहीं किया। कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं, भाजपा 22, शिवसेना 12, एनसीपी 12, समाजवादी पार्टी 6, कोणार्क विकास अघाड़ी 4, भीवंडी विकास अघाड़ी 3 और 1 स्वतंत्र पार्षद चुना गया।
शुरुआत में कांग्रेस और एनसीपी को समाजवादी पार्टी का समर्थन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन समाजवादी पार्टी ने शिवसेना का समर्थन करने की घोषणा की। इसके बाद कांग्रेस-एनसीपी ने “धार्मिक-रहित मोर्चा” बनाकर बहुमत सुनिश्चित करने की योजना बनाई।
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इस समीकरण में बड़ा बदलाव तब आया जब नारायण चौधरी के नेतृत्व में 9 भाजपा पार्षदों ने अलग समूह बनाकर कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का समर्थन करने का ऐलान किया। अब धर्मनिरपेक्ष मोर्चा 51 सीटों के साथ 46 की बहुमत संख्या को पार कर चुका है, जिससे गठबंधन मेयर पद के लिए प्रमुख स्थिति में है।
गठबंधन ने बागी भाजपा नेता नारायण चौधरी को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने अपनी आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में स्नेहा पाटिल को मैदान में उतारा है।
भाजपा के भीतर असंतोष के कारण यह बगावत हुई। नारायण चौधरी को पहले संभावित मेयर उम्मीदवार माना गया था, लेकिन अंतिम समय में उन्हें बदलकर स्नेहा पाटिल को नामित किया गया। एनसीपी सांसद सुरेश म्हात्रे (बल्या मामा) ने नारायण चौधरी से संपर्क किया और बहुमत सुनिश्चित करने के लिए गठबंधन ने चौधरी को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया।
इस प्रयास में चौधरी ने 9 भाजपा पार्षदों को मनाकर गठबंधन को मजबूत बहुमत दिलाया और भाजपा को बड़ा झटका दिया।
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