महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय बाद एक दुर्लभ नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे गुरुवार को मुंबई के दादर स्थित सावरकर स्मारक में एक साथ मंच पर नजर आए। तीनों नेता मराठी राजनीतिक कार्टूनों के इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ के विमोचन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस पुस्तक का संपादन कार्टूनिस्ट प्रशांत कुलकर्णी ने किया है।
राजनीतिक मतभेदों के बावजूद तीनों नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। हालांकि, कार्यक्रम में किसी राजनीतिक समझौते के संकेत नहीं मिले, बल्कि नेताओं के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक और हास्य-विनोद देखने को मिला।
राज ठाकरे ने फडणवीस को लेकर किया मजाक
कार्यक्रम में संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने राज ठाकरे का निमंत्रण स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि नेताओं को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर कला और संस्कृति के समर्थन में साथ आना चाहिए।
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इस पर राज ठाकरे ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह फडणवीस को बार-बार आमंत्रित करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते आशीष शेलार यह सुनिश्चित करें कि मुख्यमंत्री 2029 तक अपने पद पर बने रहें। उनकी इस टिप्पणी पर सभागार में ठहाके गूंज उठे।
उद्धव ठाकरे को लेकर फडणवीस की टिप्पणी
कार्यक्रम में सबसे आखिर में बोलते हुए फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर हल्का कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राज ठाकरे ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया था। मंच पर बैठने की व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “बाकी सभी लोग बाईं ओर चले गए हैं, इसलिए मैं दाईं ओर आ गया हूं।”
इसके बाद उन्होंने कहा, “आशीष जी, 2019 से पहले जब भी उद्धव जी मुझे बुलाते थे या कहीं आने का निमंत्रण देते थे, मैं जाता था। लेकिन उसके बाद उन्होंने मुझे कभी फोन नहीं किया।”
कार्टून कला के इतिहास पर आधारित पुस्तक
‘महाराष्ट्राच्या हास्यरेषा’ पुस्तक मराठी राजनीतिक कार्टूनों के विकास और राज्य की राजनीति तथा संस्कृति में कार्टूनिस्टों के योगदान को रेखांकित करती है। इस कार्यक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति के तीन प्रमुख चेहरों को एक मंच पर ला दिया।
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