असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने रविवार (11 जनवरी, 2026) को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि राज्य की जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। गोगोई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लगातार झूठे और भ्रामक बयान देकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।
गौरव गोगोई ने कहा कि असम लंबे समय तक नफरत और हिंसा की राजनीति के सहारे आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर समाज को बांटने वाली भाषा और राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे राज्य में सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंच रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि असम की पहचान विविधता, भाईचारे और शांति से जुड़ी रही है, लेकिन मौजूदा सरकार इसे कमजोर कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भ्रामक बयानबाजी का सहारा ले रही है। बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं पर ठोस काम करने के बजाय सरकार जनता को डर और विभाजन की राजनीति में उलझाए रखना चाहती है। गोगोई के अनुसार, मुख्यमंत्री की बयानबाजी से न केवल राजनीतिक माहौल जहरीला हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है।
और पढ़ें: अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए ढाका से संधि की जरूरत नहीं: हिमंत बिस्वा सरमा
असम कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि राज्य को ऐसी राजनीति की जरूरत है जो लोगों को जोड़ने का काम करे, न कि तोड़ने का। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में असम की जनता सच्चाई को समझेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सही फैसला करेगी। कांग्रेस पार्टी राज्य में शांति, विकास और समावेशी राजनीति के लिए प्रतिबद्ध है और वह जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
और पढ़ें: पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने की धमकी बर्दाश्त नहीं: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा