विपक्षी गठबंधन INDIA ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक 'सार्वजनिक महाभियोग कार्यवाही' आयोजित करने की घोषणा की है। कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम गठबंधन के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसमें कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।
के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, "इस सार्वजनिक महाभियोग के बाद हम वोट चोरी के खिलाफ दिल्ली चलो मार्च निकालेंगे, जो 1 नवंबर को रामलीला मैदान में समाप्त होगा, जहां कम से कम दस लाख चिंतित नागरिक हिस्सा लेंगे।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन देशभर के नागरिकों की चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
गौरतलब है कि विपक्षी दल लंबे समय से चुनाव आयोग पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। INDIA गठबंधन, जिसमें कांग्रेस सहित कई क्षेत्रीय दल शामिल हैं, ने पहले भी मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले चुनाव आयोग की आलोचना की है।
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'वोट चोरी' के आरोपों को आधार बनाकर गठबंधन अब एक बड़े जन-आंदोलन की रणनीति पर काम कर रहा है। रामलीला मैदान में होने वाली इस विशाल रैली को गठबंधन अपने इस अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रहा है, जिसके जरिए वह चुनाव आयोग पर दबाव बनाना चाहता है।
के.सी. वेणुगोपाल के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि गठबंधन इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े जन-आंदोलन का रूप देना चाहता है। एक मिलियन से अधिक नागरिकों की भागीदारी का दावा करते हुए कांग्रेस महासचिव ने इस रैली को ऐतिहासिक बताने का प्रयास किया है।
फिलहाल इस संबंध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार या चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 'सार्वजनिक महाभियोग कार्यवाही' का यह आयोजन किस रूप में संपन्न होता है और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली में वास्तव में कितनी संख्या में लोग शामिल होते हैं। INDIA गठबंधन का यह कदम आगामी चुनावी प्रक्रिया से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है।
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